बूंदी में सहकारी बैंकिंग पर कार्यशाला: अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों में यूपीआई पेमेंट सर्विस शुरू करने पर हुआ मंथन
इस एक दिवसीय कार्यशाला में प्रदेश के लगभग 20 नागरिक सहकारी बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
बूंदी: राजस्थान में सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत, पारदर्शी और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में शुक्रवार को बूंदी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरी, जहां राजस्थान अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक्स फेडरेशन के संचालक मंडल की बैठक एवं प्रदेश के सभी नागरिक सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में प्रदेशभर से आए सहकारी बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों, अधिकारियों और विशेषज्ञों ने बदलते बैंकिंग परिदृश्य, मौजूदा चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधान पर गहन मंथन किया. कार्यशाला के दौरान प्रदेशभर के अर्बन कॉपरेटिव बैंकों में जल्द ही यूपीआई पेमेंट सर्विस और इंटरनेट बैंकिंग सेवा शुरू करने पर गहनता से विचार-विमर्श किया गया.
लाभप्रदता बढ़ाने पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन: राजस्थान अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मोहन पाराशर ने कहा कि सहकारी बैंक आमजन की आर्थिक जरूरतों से सीधे जुड़े हुए हैं. इन्हें सशक्त बनाकर ही समावेशी आर्थिक विकास को गति दी जा सकती है. उन्होंने सहकारी बैंकों से जवाबदेही और नवाचार को अपनी कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाने का आह्वान किया. इस दौरान बैंकिंग क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों, डिजिटल लेन-देन, कोर बैंकिंग सिस्टम, मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग एप्स के उपयोग, साइबर सुरक्षा तथा नियामकीय अनुपालन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई. इसके साथ ही सुरक्षित विनियोग और निवेश (इन्वेस्टमेंट) के माध्यम से बैंकों की लाभप्रदता बढ़ाने पर भी विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया.
नई तकनीकों का उपयोग कर ग्राहकों को दें सुविधा: कार्यक्रम में बूंदी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के संस्थापक एवं बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने राजस्थान अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक्स फेडरेशन का आभार जताते हुए कहा कि बूंदी को इस महत्वपूर्ण कार्यशाला की मेजबानी का अवसर मिलना जिले के लिए गर्व की बात है. उन्होंने बैंकों से अपील की कि वे नई तकनीकों का अधिकतम उपयोग कर ग्राहकों को सरल, सुरक्षित और त्वरित बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराएं, ताकि नागरिक सहकारी बैंक आम जनता की पहली पसंद बन सकें.
20 सहकारी बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग: कार्यशाला की अध्यक्षता बूंदी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष एवं राजस्थान अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक्स फेडरेशन के संचालक मंडल सदस्य सत्येश शर्मा ने की. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में सहकारी बैंकों के सामने नियामकीय सख्ती, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की बढ़ती अपेक्षाएं बड़ी चुनौतियां हैं. इन चुनौतियों का समाधान केवल पारंपरिक तरीकों से संभव नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक, डिजिटल बैंकिंग और पारदर्शी कार्यप्रणाली को अपनाना अनिवार्य हो गया है. कार्यशाला के दौरान बदलते आर्थिक परिदृश्य में नवाचार को अपनाकर बैंकों की कार्यक्षमता और लाभ में वृद्धि करने पर विशेष जोर दिया गया. एक दिवसीय कार्यशाला में प्रदेश के लगभग 20 नागरिक सहकारी बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया
ये मिले सुझाव: बूंदी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक प्रबंधक गुंजन जोशी ने बताया कि कार्यशाला के दौरान अलग-अलग जिलों से आए बैंक प्रतिनिधियों ने सुझाव रखे, जिसमें यूपीआई पेमेंट सर्विस और इंटरनेट बैंकिंग सेवा को आमजन के लिए उपलब्ध करवाने, जिलों के साथ कस्बों में बैंकों की उप शाखाएं खोलने, सरकारी योजनों में आमजन को ऋण उपलब्ध करवाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों से जोड़ने पर निर्णय हुआ. कार्यशाला में फेडरेशन द्वारा तैयार की गई वर्ष 2024-25 की सांख्यिकी पुस्तिका का विमोचन भी किया गया.