संविदा कर्मचारी कलेक्ट्रेट में बन गए 'मुर्गा', जानिए क्यों किया ऐसा प्रदर्शन महिला कर्मचारियों ने प्लेसमेंट एजेंसी पर आरोप लगाया कि उनसे देर रात तक ड्यूटी ली जाती है.
रिपोर्टर शुभ दाधीच
बूंदी: महिला सुरक्षा, वेतन कटौती और प्लेसमेंट एजेंसी की कथित मनमानी से आक्रोशित बूंदी सामान्य चिकित्सालय के संविदा व प्लेसमेंट कर्मचारियों का गुस्सा शनिवार को खुलकर सामने आया. अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने पहले अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया, फिर कलेक्टर आवास के बाहर धरना देकर प्रशासन पर दबाव बनाया. यहां भी सुनवाई नहीं हुई तो सभी आक्रोशित कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर 'मुर्गा' बनकर विरोध जताया.
कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रदेश महामंत्री अनीस अहमद ने बताया कि प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा लंबे समय से ड्यूटी समय में बार-बार बदलाव कर कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है. महिला कर्मचारियों को देर रात 11 बजे ड्यूटी पर बुलाने के आदेश ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने साफ कहा कि रात में ड्यूटी के दौरान उनकी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे उनमें भय का माहौल बना है. कर्मचारियों ने वेतन में अनियमितताओं का भी गंभीर आरोप लगाया. उनका कहना है कि जनवरी माह में 501 रुपए की कटौती की गई, जो अब तक वापस नहीं की गई. इसके अलावा बिना सूचना वेतन रोकना और मनमानी कटौतियां करना आम बात हो गई है. कर्मचारियों ने इसे आर्थिक शोषण करार दिया.
मुर्गा' बनकर प्रदर्शन कर पहुंचाई आवाज: कलेक्ट्रेट परिसर में जब कर्मचारियों की सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए 'मुर्गा' बनकर प्रदर्शन किया. इसके पहले सभी कर्मचारी कलेक्टर आवास पहुंचे, जहां उन्होंने धरना देकर अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाया, लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई. प्रदर्शन में शामिल गार्ड और हेल्पर कर्मचारियों ने भी अपनी समस्याएं उठाईं. उन्होंने कहा कि उनसे उनके निर्धारित कार्य के अलावा अन्य काम करवाए जा रहे हैं, जो नियमों के विरुद्ध है.
कार्यवाहक कलेक्टर ने सुनी पीड़ा: बाद में कार्यवाहक जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा ने कर्मचारियों को कार्यालय बुलाकर उनकी समस्याओं को सुना. इस दौरान प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीनारायण मीणा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ओ.पी. सामर भी मौजूद रहे. कर्मचारियों ने अपनी सभी मांगों को विस्तार से अधिकारियों के सामने रखा. कार्यवाहक जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि महिला कर्मचारियों की ड्यूटी दिन में ही लगाई जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. प्लेसमेंट एजेंसी को सख्त चेतावनी दी गई कि कर्मचारियों, विशेषकर महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी
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